तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य (An Empire Across Three Continents)

 तीन महाद्वीपों में फैला हुआ साम्राज्य  (An Empire Across Three Continents)

प्रश्न 1: रोमन साम्राज्य किन महाद्वीपों में फैला हुआ था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य यूरोप, अफ्रीका और एशिया में फैला हुआ था।


प्रश्न 2: रोमन साम्राज्य की उत्तरी सीमा का निर्धारण किन नदियों द्वारा होता था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य की उत्तरी सीमा का निर्धारण राइन और डैन्यूब नदियों द्वारा होता था।


प्रश्न 3: रोमन साम्राज्य के ऐतिहासिक स्रोतों को किन वर्गों में बांटा गया है?

उत्तर: रोमन साम्राज्य के ऐतिहासिक स्रोतों को तीन वर्गों में बांटा गया है - पाठ्य-सामग्री, प्रलेख या दस्तावेज, और भौतिक अवशेष।


प्रश्न 4: रोमन साम्राज्य की अर्थव्यवस्था किस पर आधारित थी?

उत्तर: रोमन साम्राज्य की अर्थव्यवस्था काफी हद तक दास श्रम पर आधारित थी।


प्रश्न 5: रोमन साम्राज्य और ईरान के बीच कौन सी नदी सीमा के रूप में थी?

उत्तर: रोमन साम्राज्य और ईरान के बीच फरात नदी सीमा के रूप में थी।


प्रश्न 6: भूमध्य सागर का महत्व रोमन साम्राज्य में क्या था?

उत्तर: भूमध्य सागर रोमन साम्राज्य का हृदय माना जाता था और इसके आसपास के प्रदेशों पर रोमन साम्राज्य का आधिपत्य था।


प्रश्न 7: रोमन साम्राज्य को मुख्य रूप से कितने चरणों में विभाजित किया जा सकता है?

उत्तर: रोमन साम्राज्य को मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित किया जा सकता है - पूर्ववर्ती और परवर्ती.


प्रश्न 8: पूर्ववर्ती साम्राज्य की अवधि क्या थी?

उत्तर: पूर्ववर्ती साम्राज्य की अवधि तीसरी शताब्दी के मुख्य भाग तक थी.


प्रश्न 9: परवर्ती साम्राज्य की अवधि क्या थी?

उत्तर: परवर्ती साम्राज्य की अवधि तीसरी शताब्दी के पश्चात् थी.


प्रश्न 10: रोमन साम्राज्य और ईरानी साम्राज्य में क्या अंतर था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य सांस्कृतिक दृष्टि से ईरान की अपेक्षा कहीं अधिक विविधताओं से परिपूर्ण था.


प्रश्न 11: रोमन साम्राज्य में कौन सी भाषाएँ प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रयोग की जाती थीं?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में लातिनी (लैटिन) और यूनानी भाषाएँ प्रशासनिक कार्यों के लिए प्रयोग की जाती थीं.


प्रश्न 12: रोमन साम्राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में कौन सी भाषाएँ बोली जाती थीं?

उत्तर: पूर्वी हिस्से में यूनानी और पश्चिमी हिस्से में लातिनी भाषा बोली जाती थी.


प्रश्न 13: रोमन साम्राज्य के निवासियों की स्थिति क्या थी?

उत्तर: वे सभी एकमात्र शासक मतलब सम्राट की ही प्रजा थे, चाहे वे कहीं भी रहते हों या कोई भी भाषा बोलते हों.


प्रश्न 14: ईरान पर कौन से राजवंशों ने शासन किया?

उत्तर: पार्थियाई और ससानी राजवंशों ने ईरान पर शासन किया.


प्रश्न 15: रोमन साम्राज्य की विशेषता क्या थी?

उत्तर: रोमन साम्राज्य विभिन्न क्षेत्रों एवं संस्कृतियों का मिला-जुला रूप था, जो सरकार की एक साझा प्रणाली द्वारा परस्पर जुड़े हुए थे.

प्रश्न 16: रोमन साम्राज्य में 'गणतन्त्र' की शासन व्यवस्था में वास्तविक सत्ता किस निकाय में निहित थी?

उत्तर: सीनेट में।


प्रश्न 17: रोमन गणतन्त्र का शासन कब तक चला?

उत्तर: 509 ई.पू. से 27 ई.पू. तक।


प्रश्न 18: रोमन साम्राज्य का प्रथम सम्राट कौन था?

उत्तर: ऑगस्टस।


प्रश्न 19: रोमन सेना की विशेषता क्या थी?

उत्तर: रोमन सेना एक व्यावसायिक सेना थी जिसमें प्रत्येक सैनिक को वेतन दिया जाता था।


प्रश्न 20: रोमन साम्राज्य में सीनेट की सदस्यता के लिए क्या महत्वपूर्ण था?

उत्तर: धन और पद-प्रतिष्ठा।


प्रश्न 21: रोमन साम्राज्य के राजनीतिक इतिहास में तीन प्रमुख खिलाड़ी कौन थे?

उत्तर: सम्राट, अभिजात वर्ग, और सेना।


प्रश्न 22: रोमन साम्राज्य में सिंहासन का उत्तराधिकार कैसे निर्धारित होता था?

उत्तर: पिता का राज्य पुत्र को मिलता था, चाहे वह नैसर्गिक हो या गोद लिया हुआ।


प्रश्न 23: ऑगस्टस के शासनकाल की विशेषता क्या थी?

उत्तर: शान्ति स्थापना।


प्रश्न 24: रोमन साम्राज्य में गृहयुद्ध का क्या परिणाम था?

उत्तर: सत्ता के लिए आंतरिक संघर्ष।


प्रश्न 25: रोमन साम्राज्य की सेना की संख्या चौथी शताब्दी तक कितनी थी?

उत्तर: लगभग 6 लाख सैनिक


प्रश्न 26: सम्राट त्राजान का स्वप्न क्या था?

उत्तर: भारत की विजय।


प्रश्न 27: त्राजान ने 116 ई. में क्या किया?

उत्तर: वह पार्थियन की राजधानी टेसीफून तक चला गया और फारस की खाड़ी के सिरे पर पहुँच गया।


प्रश्न 28: रोमन साम्राज्य के विस्तार की विशेषता क्या थी?

उत्तर: रोमन साम्राज्य ने आश्रित राज्यों को अपने प्रांतीय राज्य क्षेत्र में मिला लिया और कर वसूली की।


प्रश्न 29: रोमन साम्राज्य के शहरीकरण की विशेषता क्या थी?

उत्तर: समूचे साम्राज्य में दूर-दूर तक बहुत से नगर स्थापित किए गए थे जिनके जरिए साम्राज्य पर नियंत्रण रखा जाता था।


प्रश्न 30: रोमन साम्राज्य में प्रांतीय उच्च वर्ग की भूमिका क्या थी?

उत्तर: वे रोमन साम्राज्य को कर वसूली और प्रशासन में सक्रिय सहायता देते थे।


प्रश्न 31: रोमन साम्राज्य में सीनेट की स्थिति क्या थी?

उत्तर: तीसरी शताब्दी तक सीनेट पर इतालवी मूल के लोगों का आधिपत्य बना रहा, लेकिन बाद में प्रांतीय लोगों की संख्या बढ़ गई।


प्रश्न 32: गैलीनस ने सीनेटरों के लिए क्या प्रतिबंध लगाया?

उत्तर: गैलीनस ने सीनेटरों के लिए सेना में सेवा करने पर प्रतिबंध लगा दिया।


प्रश्न 33: रोमन साम्राज्य में नागरिकता का विस्तार कैसे हुआ?

उत्तर: प्रांतीय क्षेत्रों के लोगों को भी नागरिकता प्राप्त हो चुकी थी, जो पहले सिर्फ इटली तक ही सीमित थी।


प्रश्न 34: रोमन साम्राज्य के पतन का क्या कारण था?

उत्तर: इटली का पतन और नए संभ्रांत वर्गों का उदय।


प्रश्न 35: रोमन साम्राज्य में नगर की परिभाषा क्या थी?

उत्तर: एक शहरी केंद्र जिसके अपने दंडनायक, नगर-परिषद, और अपना एक सुनिश्चित राज्य क्षेत्र था .


प्रश्न 36. प्राचीन रोमन साम्राज्य के विस्तार से क्या आशय है?

प्राचीन रोमन साम्राज्य का विस्तार एक विशाल क्षेत्र में था, जिसमें आज का अधिकांश यूरोप, पश्चिमी एशिया (उर्वर अर्द्धचन्द्राकार क्षेत्र) और उत्तरी अफ्रीका का एक विशाल क्षेत्र शामिल था।


प्रश्न 37. ईरानी व रोमन साम्राज्य के शासन से आपका क्या अभिप्राय है?

ईरानी और रोमन साम्राज्य दो महाशक्तियाँ थीं जिन्होंने विश्व के अधिकांश भाग को अपने नियंत्रण में रखा था। रोमन साम्राज्य विविधताओं से परिपूर्ण था, जबकि ईरान अधिकांशतः ईरानी लोगों द्वारा शासित था।


प्रश्न 38. रोमन साम्राज्य को मुख्य रूप से कितने चरणों में विभाजित किया जा सकता है?

रोमन साम्राज्य को मुख्य रूप से दो चरणों में विभाजित किया जा सकता है - पूर्ववर्ती और परवर्ती।


प्रश्न 39. रोमन साम्राज्य के राजनीतिक इतिहास में प्रमुख खिलाड़ी कौन थे?

रोमन साम्राज्य के राजनीतिक इतिहास में तीन प्रमुख खिलाड़ी थे - सम्राट, अभिजात वर्ग, और सेना।


प्रश्न 40: तीसरी शताब्दी में रोमन साम्राज्य की स्थिति क्या थी?

उत्तर: तीसरी शताब्दी में रोमन साम्राज्य आंतरिक तनाव और बाहरी आक्रमणों का सामना कर रहा था।


प्रश्न 41: ईरान में कौन सा वंश उभरकर सामने आया?

उत्तर: ससानी वंश।


प्रश्न 42: ससानी शासक शापुर प्रथम ने क्या दावा किया?

उत्तर: उसने दावा किया कि उसने 60 हजार रोमन सेना को मार डाला और रोमन साम्राज्य की पूर्वी राजधानी एण्टिऑक पर कब्जा कर लिया।


प्रश्न 43: जर्मन मूल की जनजातियों ने कहाँ आक्रमण किया?

उत्तर: राइन और डैन्यूब नदी की सीमाओं पर।


प्रश्न 44: तीसरी शताब्दी में रोमन साम्राज्य के सम्राटों की स्थिति क्या थी?

उत्तर: 47 वर्षों में 25 से अधिक सम्राटों ने सत्ता संभाली, जो साम्राज्य की अस्थिरता को दर्शाता है।


प्रश्न 45: रोमन साम्राज्य के लिए तीसरी शताब्दी का क्या महत्व था?

उत्तर: यह शताब्दी आंतरिक तनाव और बाहरी चुनौतियों के कारण रोमन साम्राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ था।


प्रश्न 46: रोमन साम्राज्य के किन क्षेत्रों पर बार-बार आक्रमण हुए?

उत्तर: काला सागर से आल्पस और दक्षिणी जर्मनी तक फैले प्रांतों पर।


प्रश्न 47: रोमन साम्राज्य को किन लोगों के विरुद्ध निरंतर युद्ध करना पड़ा?

उत्तर: बर्बर (Barbarian) लोगों के विरुद्ध।


प्रश्न 48: रोमन समाज में एकल परिवार की विशेषता क्या थी?

उत्तर: व्यस्क पुत्र अपने पिता के परिवारों के साथ नहीं रहते थे और व्यस्क भाई भी साझे परिवार में बहुत कम ही रहते थे।


प्रश्न 49: रोमन महिलाओं को क्या कानूनी अधिकार प्राप्त थे?

उत्तर: रोमन महिलाओं को संपत्ति के स्वामित्व और संचालन में व्यापक कानूनी अधिकार प्राप्त थे।


प्रश्न 50: रोमन समाज में तलाक की प्रक्रिया क्या थी?

उत्तर: तलाक देना अपेक्षाकृत आसान था और इसके लिए पति अथवा पत्नी द्वारा केवल विवाह-भंग करने के इरादे की सूचना देना ही काफी था।


प्रश्न 51: रोमन समाज में पति और पत्नी के बीच आयु का अंतराल क्या था?

उत्तर: पुरुष 28-29, 30-32 की आयु में विवाह करते थे, जबकि लड़कियों की शादी 16-18 व 22-23 साल की आयु में की जाती थी।


प्रश्न 52: रोमन समाज में साक्षरता की दर क्या थी?

उत्तर: कामचलाऊ साक्षरता की दरें साम्राज्य के विभिन्न भागों में काफी अलग-अलग थीं।


प्रश्न 53: पोम्पेई नगर में साक्षरता का प्रमाण क्या था?

उत्तर: पोम्पेई की मुख्य गलियों की दीवारों पर अंकित विज्ञापन और समूचे शहर में अभिरेखण पाए गए हैं।


प्रश्न 54: मिस्त्र में साक्षरता की स्थिति क्या थी?

उत्तर: मिस्त्र में साक्षरता निश्चित रूप से कुछ वर्गों के लोगों में अपेक्षाकृत अधिक व्यापक थी, जैसे कि सैनिकों, फौजी अफसरों और सम्पदा प्रबन्धकों में।


प्रश्न 55: रोमन समाज में पिताओं का अपने बच्चों पर क्या अधिकार था?

उत्तर: पिताओं का अपने बच्चों पर अत्यधिक कानूनी नियन्त्रण था, जिसमें अवांछित बच्चों को मार डालने का अधिकार भी शामिल था।


प्रश्न 56: रोमन साम्राज्य में सांस्कृतिक विविधता के क्या रूप थे?

उत्तर: धार्मिक सम्प्रदायों, स्थानीय देवी-देवताओं, बोलचाल की भाषाओं, वेशभूषा की विविध शैलियों, तरह-तरह के भोजन, और सामाजिक संगठनों के रूप।


प्रश्न 57: निकटवर्ती पूर्व में कौन सी प्रमुख भाषा बोली जाती थी?

उत्तर: अरामाइक।


प्रश्न 58: मिस्त्र में कौन सी भाषा बोली जाती थी?

उत्तर: कॉप्टिक।


प्रश्न 59: उत्तर-पश्चिम में कौन सी भाषा बोली जाती थी?

उत्तर: कैल्टिक।


प्रश्न 60: आर्मेनियाई भाषा कब लिखी जाने लगी?

उत्तर: पाँचवीं शताब्दी में।


प्रश्न 61: बाइबिल का कॉप्टिक भाषा में अनुवाद कब हुआ?

उत्तर: तीसरी शताब्दी के मध्य तक।


प्रश्न 62: लातिनी भाषा के प्रसार का क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर: लातिनी भाषा के प्रसार ने कई भाषाओं के लिखित रूप का स्थान ग्रहण कर लिया, जैसे कि केल्टिक भाषा का लिखा जाना प्रथम शताब्दी के पश्चात् बन्द हो गया।


प्रश्न 63: रोमन साम्राज्य में भाषाई संस्कृतियों की स्थिति क्या थी?

उत्तर: कई भाषाई संस्कृतियाँ पूर्णतः मौखिक थीं और उनके लिए लिपि का आविष्कार बाद में हुआ।


प्रश्न 64: रोमन साम्राज्य में आर्थिक विस्तार के क्या आधार थे?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में खानों, खदानों, बन्दरगाहों, ईंट-भट्ठों, जैतून के तेल की फैक्टरियाँ आदि की संख्या अधिक थी, जो आर्थिक आधारभूत ढाँचे को मजबूत बनाती थीं।


प्रश्न 65: रोमन साम्राज्य में प्रमुख व्यापारिक मदें क्या थीं?

उत्तर: गेहूँ, अंगूरी शराब, और जैतून का तेल प्रमुख व्यापारिक मदें थीं।


प्रश्न 66: रोमन साम्राज्य में व्यापारिक मदों की ढुलाई कैसे होती थी?

उत्तर: व्यापारिक मदों की ढुलाई एम्फोर नामक मटकों या कण्टेनरों में होती थी।


प्रश्न 67: एम्फोर के अवशेषों का क्या महत्व है?

उत्तर: एम्फोर के अवशेषों से पुरातत्त्वविद् व्यापारिक मदों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और उनके निर्माण स्थल का पता लगा सकते हैं।


प्रश्न 68: स्पेन में जैतून के तेल का उत्पादन कब अपने चरमोत्कर्ष पर था?

उत्तर: 140-160 ई. के वर्षों में स्पेन में जैतून के तेल का उत्पादन अपने चरमोत्कर्ष पर था।


प्रश्न 69: ड्रेसल-20 नामक कण्टेनरों का क्या महत्व है?

उत्तर: ड्रेसल-20 नामक कण्टेनरों से पता चलता है कि स्पेन के जैतून के तेल का व्यापक प्रसार था।


प्रश्न 70: उत्तरी अफ्रीकी उत्पादकों ने कब तेल सम्बन्धी विशेष स्थान प्राप्त किया?

उत्तर: तीसरी और चौथी शताब्दी में उत्तरी अफ्रीकी उत्पादकों ने तेल सम्बन्धी विशेष स्थान प्राप्त किया।


प्रश्न 71: 425 ई. के पश्चात् क्या परिवर्तन आया?

उत्तर: 425 ई. के पश्चात् पूर्व ने उत्तरी अफ्रीका के प्रभुत्व को तोड़ा और एगियन, दक्षिणी एशिया-माइनर, सीरिया और फिलिस्तीनी व्यापारी अंगूरी शराब और जैतून के तेल के प्रमुख निर्यातक बन गए।


प्रश्न 72: रोमन साम्राज्य के अन्तर्गत कौन से प्रसिद्ध क्षेत्र थे?

उत्तर: इटली में कैम्पैनिया, सिसिली, मिस्त्र में फैय्यूम, गैलिली, बाइजैकियम (ट्यूनीसिया), दक्षिणी गॉल (गैलिया नार्बोनेंसिस), और बाएटिका (दक्षिणी स्पेन)।


प्रश्न 73: कैम्पैनिया और सिसिली के उत्पाद क्या थे?

उत्तर: कैम्पैनिया से सबसे बढ़िया किस्म की अंगूरी शराब आती थी और सिसिली रोम को भारी मात्रा में गेहूँ का निर्यात करता था।


प्रश्न 74: स्पेन के जैतून के तेल का स्रोत क्या था?

उत्तर: स्पेन के दक्षिण में गुआडलक्विविर नदी के किनारों के साथ-साथ बसी अनेक जमींदारियों (फण्डी) से जैतून का तेल आता था।


प्रश्न 75: रोमन साम्राज्य में असमानताएँ क्या थीं?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में विकास का स्तर अलग-अलग था, जैसे कि नुमीडिया (आधुनिक अल्जीरिया) के देहाती क्षेत्रों में ऋतु-प्रवास व्यापक पैमाने पर होता था।


प्रश्न 76: एम्फोरा हमें क्या बताते हैं?

उत्तर: एम्फोरा हमें रोमन काल के भूमध्य सागरीय क्षेत्र के आर्थिक जनजीवन के विषय में बताते हैं, जैसे कि व्यापारिक मदों की ढुलाई और उनके स्रोत।


प्रश्न 77: रोमन साम्राज्य की अर्थव्यवस्था कैसी थी?

उत्तर: रोमन साम्राज्य की अर्थव्यवस्था उन्नतशील थी, जिसमें जल-शक्ति का उपयोग, विशाल औद्योगिक पैमाने पर खनिज निष्कर्षण, और सुगठित वाणिज्यिक एवं बैंकिंग व्यवस्था थी।


प्रश्न 78: रोमन साम्राज्य में जल-शक्ति का उपयोग कैसे होता था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में जल-शक्ति का उपयोग मिलों को चलाने और खनिज निष्कर्षण में होता था।


प्रश्न 79: रोमन साम्राज्य में धन का इस्तेमाल कैसे होता था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में धन का इस्तेमाल व्यापक स्तर पर होता था, जो सुगठित वाणिज्यिक एवं बैंकिंग व्यवस्था को दर्शाता है।


प्रश्न 80: रोमन साम्राज्य में दासता की स्थिति क्या थी?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में दासता की जड़ें अत्यन्त गहरी थीं और अधिकांश श्रम दासों द्वारा ही किया जाता था।


प्रश्न 81: रोमन कानूनों के अन्तर्गत दासों की स्थिति क्या थी?

उत्तर: रोमन कानूनों के अन्तर्गत दासों को पूँजी निवेश अर्थात् सम्पत्ति समझा जाता था और उनकी तुलना एक वस्तु की भाँति की जाती थी।


प्रश्न 82: दास श्रम प्रबन्धन का संकट क्यों उत्पन्न हुआ?

उत्तर: पहली शताब्दी में रोमन साम्राज्य में शान्ति व्यवस्था स्थापित होने और लड़ाई-झगड़े कम होने के कारण दासों की आपूर्ति कम होने लगी, जिससे दास श्रम प्रबन्धन का संकट उत्पन्न हुआ।


प्रश्न 83: दास श्रम प्रबन्धन के विकल्प क्या थे?

उत्तर: दास श्रम प्रबन्धन के विकल्प दास प्रजनन और वेतनभोगी मजदूर थे, जो सस्ते होते थे और इन्हें सरलता से रखा या छोड़ा जा सकता था।


प्रश्न 84: रोमन साम्राज्य में वेतनभोगी मजदूरों का इस्तेमाल कहाँ होता था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में वेतनभोगी मजदूरों का इस्तेमाल सरकारी निर्माण कार्यों में होता था।


प्रश्न 85: दास श्रमिकों की तुलना में वेतनभोगी मजदूरों के क्या फायदे थे?

उत्तर: वेतनभोगी मजदूरों को सिर्फ काम वाले दिनों का वेतन देना पड़ता था, जबकि दास श्रमिकों को वर्ष भर भोजन देना पड़ता था और उनके अन्य खर्चे भी उठाने पड़ते थे।


प्रश्न 86: बाद की अवधि में दास मजदूरों की संख्या में कमी क्यों आई?

उत्तर: बाद की अवधि में दास मजदूरों की संख्या में कमी आई क्योंकि दास श्रमिकों का प्रयोग महँगा पड़ता था और वेतनभोगी मजदूर सस्ते थे।


प्रश्न 87: रोमन साम्राज्य में दासों का इस्तेमाल व्यापार कार्यों में कैसे होता था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में मालिक अकसर अपने गुलामों या स्वतन्त्र हुए गुलामों को अपनी ओर से व्यापार चलाने के लिए पूँजी, यहाँ तक कि सम्पूर्ण कारोबार सौंप देते थे।


प्रश्न 88: रोमन कृषि-विषयक लेखकों ने श्रम-प्रबन्धन पर क्या जोर दिया?

उत्तर: रोमन कृषि-विषयक लेखकों ने श्रम-प्रबन्धन पर अत्यधिक ध्यान दिया और उत्पादन में कमी न आने देने के लिए जमींदारों को अपने पास आवश्यकता से अधिक दोगुने औजारों एवं उपकरणों की व्यवस्था करने की सलाह दी।


प्रश्न 89: कोलूमेल्ला ने कामगारों को कैसे समूहों में विभक्त करने की सलाह दी?

उत्तर: कोलूमेल्ला ने कामगारों को दस-दस के समूहों या दलों में बाँट देने की सलाह दी ताकि उनका निरीक्षण सरलतापूर्वक किया जा सके।


प्रश्न 90: वरिष्ठ प्लिनी ने दासों के समूहों के प्रयोग की क्या आलोचना की?

उत्तर: वरिष्ठ प्लिनी ने दासों के समूहों के प्रयोग की कटु आलोचना कर इसे उत्पादन आयोजित करने का सर्वाधिक गलत तरीका बताया, क्योंकि समूहों में विभक्त दासों के पैरों में जंजीरे अथवा बेडियाँ डाल दी जाती थीं।


प्रश्न 91: सिकन्दरिया की फ्रैंकिन्सेंस फैक्ट्रियों में कामगारों के लिए क्या नियम थे?

उत्तर: सिकन्दरिया की फ्रैंकिन्सेंस फैक्ट्रियों में कामगारों को ऐप्रनों पर एक सील लगानी पड़ती थी, एक गहरी जाली वाला मास्क या नेट अपने सिर पर पहनना पड़ता था, और फैक्ट्री से बाहर जाने के लिए अपने सभी कपड़े उतारने पड़ते थे।


प्रश्न 92: मिस्त्र के किसानों द्वारा अपने गाँव छोड़कर जाने का क्या कारण था?

उत्तर: मिस्त्र के किसान अपने गाँव छोड़कर इसलिए जा रहे थे ताकि उन्हें खेती के काम में न लगना पड़े।


प्रश्न 93: 398 के एक कानून में कामगारों के बारे में क्या कहा गया है?

उत्तर: 398 के एक कानून में कहा गया है कि कामगारों को दागा जाता था ताकि यदि वे भागने और छिपने का प्रयत्न करें तो उन्हें पहचाना जा सके।


प्रश्न 94: निजी मालिक कामगारों पर कड़ा नियन्त्रण कैसे रखते थे?

उत्तर: निजी मालिक ऋण-संविदा के रूप में कामगारों के साथ करार कर लेते थे ताकि वे यह दावा कर सकें कि उनके कर्मचारी उनके कर्जदार हैं।


प्रश्न 95: ऑगस्टीन के पत्रों से क्या जानकारी मिलती है?

उत्तर: ऑगस्टीन के पत्रों से जानकारी मिलती है कि माता-पिता कभी-कभी अपने बच्चों को 25 वर्ष के लिए बेचकर बंधुआ मजदूर बना देते थे।


प्रश्न 100: साम्राज्य के शहरीकरण से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: साम्राज्य के शहरीकरण से तात्पर्य है कि रोमन साम्राज्य में शहरों का विकास और वृद्धि हुई, जिसमें आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र था।


प्रश्न 101: निकटवर्ती पूर्व से आप क्या समझते हैं?

उत्तर: निकटवर्ती पूर्व से तात्पर्य है मध्य पूर्व के क्षेत्र से है, जिसमें वर्तमान तुर्की, इजरायल, फिलिस्तीन, जॉर्डन, लेबनान और सीरिया के कुछ हिस्से शामिल हैं।


प्रश्न 102: रोमन शहरों का ग्रामीण क्षेत्रों के साथ बर्ताव कैसा था?

उत्तर: रोमन शहरों का ग्रामीण क्षेत्रों के साथ बर्ताव आर्थिक और सामाजिक रूप से जुड़ा हुआ था। शहरों में ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले उत्पादों का व्यापार होता था, और ग्रामीण क्षेत्रों में शहरों के प्रभाव को देखा जा सकता था।


प्रश्न 103: ड्रेसल-20 से क्या आशय है?

उत्तर: ड्रेसल-20 एक प्रकार का एम्फोरा पात्र है जिसका उपयोग रोमन साम्राज्य में जैतून के तेल की ढुलाई के लिए किया जाता था। इसका नाम हेनरिक ड्रेसल नामक पुरातत्त्वविद् के नाम पर रखा गया है।


प्रश्न 104: रोमन साम्राज्य की सामाजिक संरचनाएँ कैसे विभक्त थीं?

उत्तर: रोमन साम्राज्य की सामाजिक संरचनाएँ तीन प्रमुख श्रेणियों में विभक्त थीं: उच्च वर्ग या अभिजात वर्ग, मध्यम वर्ग, और निम्नतर वर्ग।


प्रश्न 105: उच्च वर्ग या अभिजात वर्ग के सदस्य कौन थे?

उत्तर: उच्च वर्ग या अभिजात वर्ग के सदस्यों में सीनेटर और अश्वारोही वर्ग के प्रमुख सदस्य शामिल थे, जो रोमन साम्राज्य के समृद्ध और उन्नत समाज का हिस्सा थे।


प्रश्न 106: मध्यम वर्ग के सदस्य कौन थे?

उत्तर: मध्यम वर्ग के सदस्यों में नौकरशाही और सैन्य सेवा से जुड़े साधारण लोग, व्यापारी और कृषक शामिल थे, जो राज्य की सरकारी सेवाओं पर निर्भर थे।


प्रश्न 107: निम्नतर वर्ग के सदस्य कौन थे?

उत्तर: निम्नतर वर्ग के सदस्यों में ग्रामीण श्रमिक, शिल्पकार, और मजदूरी पाने वाले श्रमिक शामिल थे, जो औद्योगिक और खनन प्रतिष्ठानों में कार्यरत थे।


प्रश्न 108: उच्च वर्ग की आर्थिक स्थिति कैसी थी?

उत्तर: उच्च वर्ग की आर्थिक स्थिति अत्यधिक समृद्ध थी, और वे धन सम्पत्ति की दृष्टि से शक्तिशाली थे।


प्रश्न 109: मध्यम वर्ग की निर्भरता क्या थी?

उत्तर: मध्यम वर्ग की निर्भरता राज्य की सरकारी सेवाओं पर थी, और वे नौकरशाही और सैन्य सेवा से जुड़े थे।


प्रश्न 110: निम्नतर वर्ग के लोगों का जीवन कैसा था?

उत्तर: निम्नतर वर्ग के लोगों का जीवन कठिन था, और वे मजदूरी पाने वाले श्रमिकों के रूप में कार्यरत थे, जो औद्योगिक और खनन प्रतिष्ठानों में कार्यरत थे।


प्रश्न 111: स्व-नियोजित शिल्पकारों की स्थिति कैसी थी?

उत्तर: स्व-नियोजित शिल्पकार मजदूरी पाने वाले श्रमिकों की अपेक्षा अच्छा खाते-पीते थे, और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर थी।


प्रश्न 112: प्रथम तीन शताब्दियों से परवर्ती साम्राज्य में मौद्रिक पद्धति में क्या परिवर्तन आया?

उत्तर: प्रथम तीन शताब्दियों से परवर्ती साम्राज्य में चाँदी-आधारित मौद्रिक पद्धति समाप्त हो गई और सोने पर आधारित नई मौद्रिक पद्धति स्थापित की गई।


प्रश्न 113: कांस्टैनटाइन ने क्या किया?

उत्तर: कांस्टैनटाइन ने सोने पर आधारित नई मौद्रिक पद्धति स्थापित की, जिसका भारी मात्रा में प्रचलन रहा।


प्रश्न 114: रोमन साम्राज्य के परवर्ती काल में नौकरशाही के उच्च और मध्य वर्ग की स्थिति कैसी थी?

उत्तर: रोमन साम्राज्य के परवर्ती काल में नौकरशाही के उच्च और मध्य वर्ग अपेक्षाकृत बहुत धनी थे, क्योंकि उन्हें सोने के रूप में अपना वेतन मिलता था और वे अपनी आमदनी के बहुत बड़े हिस्से से जमीन जैसी परिसम्पत्तियाँ खरीदते थे।


प्रश्न 115: रोमन साम्राज्य में भ्रष्टाचार कैसा था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में भ्रष्टाचार बहुत फैला हुआ था, विशेष रूप से न्याय प्रणाली और सैन्य आपूर्तियों के प्रशासन में।


प्रश्न 116: सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए क्या किया?

उत्तर: सरकार ने भ्रष्टाचार को रोकने के लिए बार-बार हस्तक्षेप किया और अनेक कानून बनाए, लेकिन इतिहासविदों और बुद्धिजीवियों ने भी ऐसे भ्रष्ट कारनामों की खुलकर निन्दा की।


प्रश्न 117: रोमन राज्य की प्रकृति कैसी थी?

उत्तर: रोमन राज्य तानाशाही पर आधारित था, जहाँ असहमति या निन्दा को कभी-कभी ही बर्दाश्त किया जाता था।


प्रश्न 118: रोमन कानून की परम्परा कैसी थी?

उत्तर: रोमन कानून की एक द्रड़ परम्परा का उद्भव हो चुका था, जिसने ज्यादातर भयंकर सम्राटों पर भी अंकुश लगाने का काम किया था।


प्रश्न 119: चौथी शताब्दी के अन्तिम दशकों में बिशपों की भूमिका कैसी थी?

उत्तर: चौथी शताब्दी के अन्तिम दशकों में ऐम्ब्रोस जैसे शक्तिशाली बिशपों ने सम्राटों का मुकाबला किया, यदि वे आम जनता के प्रति अत्यधिक कठोर या दमनकारी हो जाएँ।


प्रश्न 120: ईसा मसीह के जन्म से लेकर सातवीं शताब्दी के पूर्वार्द्ध में विश्व के अधिकांश भाग को किन दो शक्तियों ने आपस में विभाजित कर रखा था?

उत्तर: रोम और ईरान ने विश्व के अधिकांश भाग को आपस में विभाजित कर रखा था।


प्रश्न 121: चीन के लोग रोमन साम्राज्य को क्या कहते थे?

उत्तर: चीन के लोग रोमन साम्राज्य को ता-चिन कहते थे।


प्रश्न 122: कैल्टिक भाषा कहाँ बोली जाती थी?

उत्तर: कैल्टिक भाषा स्पेन और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में बोली जाती थी।


प्रश्न 123: उत्तरी स्पेन में पहाड़ियों की चोटी पर बसे गावों को क्या कहा जाता था?

उत्तर: उत्तरी स्पेन में पहाड़ियों की चोटी पर बसे गावों को कैस्टेला कहा जाता था।


प्रश्न 124: बिशप क्या होता है?

उत्तर: बिशप एक ठहराया पादरी सदस्य होता है, जिसे एक धार्मिक संस्थान में अधिकार और निरीक्षण की स्थिति सौंपी जाती है।


प्रश्न 125: ईसाई धर्म में बिशप की भूमिका क्या होती है?

उत्तर: ईसाई धर्म में बिशप सूबा के प्रशासन के लिए जिम्मेदार होता है।


प्रश्न 126: परवर्ती पुराकाल क्या है?

उत्तर: परवर्ती पुराकाल रोमन साम्राज्य के उद्भव, विकास और पतन के इतिहास की अन्तिम अवधि है, जो मुख्यतः चौथी से सातवीं शताब्दी तक फैली हुई थी।


प्रश्न 127: सम्राट डायोक्लीशियन ने क्या किया?

उत्तर: सम्राट डायोक्लीशियन ने साम्राज्य को थोड़ा छोटा बना लिया, सीमाओं पर किले बनवाए, प्रान्तों का पुनर्गठन किया और असैनिक कार्यों को सैनिक कार्यों से अलग कर दिया।


प्रश्न 128: सम्राट कॉन्स्टैनटाइन ने क्या किया?

उत्तर: सम्राट कॉन्स्टैनटाइन ने मौद्रिक क्षेत्र में नए परिवर्तन किए, एक नया सिक्का चलाया जो 4.5 ग्राम शुद्ध सोने का बना हुआ था, जिसका नाम सॉलिडस था।


प्रश्न 129: सॉलिडस सिक्के का क्या महत्त्व था?

उत्तर: सॉलिडस सिक्के विशाल पैमाने पर ढाले जाते थे और लाखों-करोड़ों की संख्या में चलन में थे, और रोमन साम्राज्य समाप्त होने के बाद भी यह सिक्का चलता रहा।


प्रश्न 130: कुंस्तुनतुनिया की स्थापना क्यों हुई?

उत्तर: कुंस्तुनतुनिया की स्थापना एक नई राजधानी के रूप में हुई थी, जो तीनों ओर से समुद्र से घिरी हुई थी और नई सीनेट की जरूरत थी।


प्रश्न 131: चौथी शताब्दी में आर्थिक विकास कैसे हुआ?

उत्तर: चौथी शताब्दी में आर्थिक विकास मौद्रिक स्थायित्व और बढ़ती हुई जनसंख्या के कारण हुआ, और पुरातत्त्वीय अभिलेखों से यह पता चलता है कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों में व्यापार के विकास में पर्याप्त मात्रा में पूँजी लगाई गई।


प्रश्न 132: नई प्रौद्योगिकियों का क्या महत्त्व था?

उत्तर: नई प्रौद्योगिकियों जैसे कि तेल की मिलें और शीशे के कारखाने, पेंच की प्रेसें और पानी की मिलें आर्थिक विकास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाईं।


प्रश्न 133: कॉन्स्टेनटाइन का एक नया विचार क्या था?

उत्तर: कॉन्स्टेनटाइन का एक नया विचार एक नई राजधानी कुंस्तुनतुनिया का निर्माण था।


प्रश्न 134: परवर्ती पुराकाल में शहरी सम्पदा और समृद्धि में क्या वृद्धि हुई?

उत्तर: परवर्ती पुराकाल में शहरी सम्पदा और समृद्धि में बहुत अधिक वृद्धि हुई, जिस कारण स्थापत्य कला के नए-नए रूप विकसित हुए और भोग-विलास के साधनों में भरपूर तेजी आई।


प्रश्न 135: शासन करने वाले कुलीन कैसे हो गए?

उत्तर: शासन करने वाले कुलीन पहले से कहीं अधिक धन-सम्पन्न और शक्तिशाली हो गए।


प्रश्न 136: मिस्त्र में परवर्ती शताब्दियों के पैपाइरस पौधे के पत्तों पर लिखे हुए दस्तावेजों से क्या ज्ञात होता है?

उत्तर: मिस्त्र में परवर्ती शताब्दियों के पैपाइरस पौधे के पत्तों पर लिखे हुए दस्तावेजों से यह ज्ञात होता है कि उस समय समाज अपेक्षाकृत अधिक खुशहाल था, जहाँ मुद्रा का व्यापक रूप से प्रयोग होता था और ग्रामीण सम्पदाएँ भारी मात्रा में सोने के रूप में लाभ कमाती थीं।


प्रश्न 137: जस्टीनियन के शासनकाल में मिस्त्र प्रतिवर्ष कितनी धनराशि करों के रूप में देता था?

उत्तर: जस्टीनियन के शासनकाल में अकेला मिस्त्र प्रतिवर्ष 25 लाख सॉलिडस (लगभग 35,000 पाउण्ड सोना) से अधिक धनराशि करों के रूप में देता था।


प्रश्न 138: रोमवासियों की पारंपरिक धार्मिक संस्कृति कैसी थी?

उत्तर: रोमवासियों की पारंपरिक धार्मिक संस्कृति बहुदेववादी थी, जो अनेक देवी-देवताओं को मानने वाली थी।


प्रश्न 139: रोमन साम्राज्य में यहूदी धर्म कैसा था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में यहूदी धर्म एकाश्म यानी विविधताहीन नहीं था, अर्थात् परवर्ती पुराकाल के यहूदी धर्म में बहुत-सी विविधताएँ मौजूद थीं।


प्रश्न 140: चौथी या पाँचवीं शताब्दियों में साम्राज्य का ईसाईकरण कैसे हुआ?

उत्तर: चौथी या पाँचवीं शताब्दियों में साम्राज्य का ईसाईकरण एक क्रमिक एवं जटिल प्रक्रिया के रूप में हुआ।


प्रश्न 141: शक्तिशाली बिशपों की कोशिशों से क्या हुआ?

उत्तर: शक्तिशाली बिशपों की कोशिशों से अलग-अलग धार्मिक समुदायों के बीच की सीमाएँ कठोर एवं गहरी हो गईं, और उन्होंने अपने अनुयायियों को कड़ाई से धार्मिक विश्वासों तथा रीति-रिवाजों का पालन करने का पाठ पढ़ाया।


प्रश्न 142: रोम के पूर्वी भाग की जनता में आम खुशहाली कैसी थी?

उत्तर: रोम के पूर्वी भाग की जनता में आम खुशहाली अधिक फैली हुई थी, जहाँ आबादी छठी सदी के मुख्य भाग तक बढ़ती रही थी।


प्रश्न 143: प्लेग की महामारी का प्रकोप कब हुआ था?

उत्तर: प्लेग की महामारी का प्रकोप 540 के दशक में हुआ था, जिसके कारण लगभग सम्पूर्ण भूमध्यसागरीय प्रदेश प्रभावित हो गया था।


प्रश्न 144: पश्चिम में साम्राज्य की स्थिति कैसी थी?

उत्तर: पश्चिम में साम्राज्य राजनीतिक दृष्टि से विखण्डित हो गया था, क्योंकि उत्तर से आने वाले जर्मन मूल के समूहों ने सभी बड़े प्रान्तों पर अपना कब्जा कर लिया था और अपने-अपने राज्य स्थापित कर लिए थे।


प्रश्न 145: रोमोत्तर राज्य कौन से थे?

उत्तर: रोमोत्तर राज्य स्पेन में विसिगोथों का राज्य, गॉल में फ्रैंकों का राज्य और इटली में लोम्बार्ड का राज्य थे।


प्रश्न 146: जस्टीनियन का शासनकाल कैसा था?

उत्तर: जस्टीनियन का शासनकाल खुशहाली और शाही महत्त्वाकांक्षा के उच्च-स्तर का द्योतक था, जिसने अफ्रीका और इटली पर फिर से अधिकार कर लिया था।


प्रश्न 147: सातवीं शताब्दी के प्रारम्भिक दशकों में क्या हुआ था?

उत्तर: सातवीं शताब्दी के प्रारम्भिक दशकों में रोम और ईरान के बीच लड़ाई फिर शुरू हो गई थी, और ससानी शासकों ने मिस्त्र सहित सभी बड़े-बड़े पूर्वी प्रान्तों में बड़े पैमाने पर आक्रमण कर दिया था।


प्रश्न 148: इस्लाम के विस्तार को क्या कहा जाता है?

उत्तर: इस्लाम के विस्तार को प्राचीन विश्व इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक क्रान्ति कहा जाता है, जिसने पूर्वी रोमन और ससानी दोनों राज्यों के बड़े-बड़े भागों पर कब्जा कर लिया था।


प्रश्न 149: अरब प्रदेश से शुरू होने वाले इस्लामी राज्य की जीतें कैसे हुईं?

उत्तर: अरब प्रदेश से शुरू होने वाले इस्लामी राज्य की जीतें अरब जनजातियों को ही पराजित करने से हुईं, जो एक शताब्दी बाद अन्ततः स्पेन, सिन्ध और मध्य एशिया तक फैल गईं।


प्रश्न 150: रोमवासी किस प्रकार के धार्मिक विश्वास रखते थे?

उत्तर: रोमवासी बहुदेववादी थे, जो अनेक देवी-देवताओं को मानते थे और उनकी पूजा करते थे।


प्रश्न 151: रोमवासियों ने देवी-देवताओं की पूजा के लिए क्या किया था?

उत्तर: रोमवासियों ने साम्राज्य भर में हजारों मन्दिर-मठ व देवालय बना रखे थे, जहाँ वे देवी-देवताओं की पूजा करते थे।


प्रश्न 152: रोमन समाज में महिलाओं की स्थिति कैसी थी?

उत्तर: रोमन समाज में महिलाओं की स्थिति सुदृढ़ थी, और वे अपनी सम्पत्ति की स्वतन्त्र मालिक थीं।


प्रश्न 153: रोमन समाज में महिलाओं के अधिकार क्या थे?

उत्तर: रोमन समाज में महिलाएँ अपने पिता की मुख्य उत्तराधिकारी बनी रहती थीं और अपने पिता की मृत्यु होने के पश्चात् उसकी सम्पत्ति की स्वतन्त्र मालिक बन जाती थीं।


प्रश्न 154: रोमन समाज में विवाह-विच्छेद कैसा था?

उत्तर: रोमन समाज में विवाह-विच्छेद सरल था, और पति अथवा पत्नी द्वारा विवाह भंग करने के उद्देश्य से सूचना देना पर्याप्त था।


प्रश्न 155: रोमन समाज में महिलाओं की स्थिति के बारे में क्या कहा जा सकता है?

उत्तर: रोमन समाज में महिलाओं के पास पर्याप्त अधिकार थे, और वे पुरुषों पर अधिकार रखती थीं।


प्रश्न 156: रोमन साम्राज्य में साक्षरता का सामान्यतः क्या स्तर था?

उत्तर: रोमन साम्राज्य में साक्षरता की कामचाऊ दरें विभिन्न भागों में अलग-अलग विद्यमान थीं। पोम्पेई नगर और मिस्त्र से प्राप्त प्रमाणों से यह ज्ञात होता है कि साक्षरता व्यापक रूप में विद्यमान नहीं थी, लेकिन कुछ वर्गों में अपेक्षाकृत अधिक थी, जैसे कि सैनिकों, अफसरों और सम्पदा-प्रबन्धकों में।

रोमन समाज में साक्षरता पर विचार:

- रोमन समाज में साक्षरता का स्तर विभिन्न भागों में अलग-अलग था।

- पोम्पेई नगर से प्राप्त भित्ति चित्र और अभिरेखण साक्षरता के व्यापक रूप को दर्शाते हैं।

- मिस्त्र में प्राप्त पैपाइरस दस्तावेजों से ज्ञात होता है कि व्यावसायिक लिपिकों द्वारा लिखे जाने वाले दस्तावेजों में साक्षरता की आवश्यकता थी।

- साक्षरता कुछ वर्गों में अधिक व्यापक थी, जैसे कि सैनिकों, अफसरों और सम्पदा-प्रबन्धकों में।

- रोमन साम्राज्य में साक्षरता कामचलाऊ रूप से विद्यमान थी, लेकिन इसका स्तर विभिन्न भागों में अलग-अलग था।


प्रश्न 157: अश्वारोही वर्ग से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: अश्वारोही वर्ग रोमन साम्राज्य में एक विशिष्ट सामाजिक वर्ग था, जो अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति के कारण विशिष्ट था।


प्रश्न 158: पैपाइरस से क्या अभिप्राय है?

उत्तर: पैपाइरस एक सरकण्डे जैसा पौधा था, जो मिस्त्र में नील नदी के किनारे उगता था, और इससे लेखन-सामग्री तैयार की जाती थी।

पैपाइरस का महत्व:

- पैपाइरस पौधे से बने पत्रों पर हजारों संविदाएँ, लेख, पत्र एवं सरकारी दस्तावेज लिखे हुए प्राप्त हुए हैं।

- पैपाइरस विज्ञानियों द्वारा इन दस्तावेजों का अध्ययन और प्रकाशन किया गया है, जो प्राचीन इतिहास और संस्कृति के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।

अश्वारोही वर्ग और पैपाइरस का महत्व:

- अश्वारोही वर्ग और पैपाइरस दोनों रोमन साम्राज्य के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन के महत्वपूर्ण पहलू हैं।

- पैपाइरस पर लिखे दस्तावेज हमें प्राचीन रोमन समाज के जीवन, व्यापार, और प्रशासन के बारे में जानकारी प्रदान करते हैं।


प्रश्न 159: बाइजेंटाइन साम्राज्य का संक्षेप में वर्णन कीजिए।

उत्तर: बाइजेंटाइन साम्राज्य मध्य कालीन युग में रोमन सम्राट कॉन्स्टैनटाइन द्वारा स्थापित एक साम्राज्य था, जिसकी राजधानी कुंस्तुनतुनिया थी। यह साम्राज्य 476 ई. में रोमन साम्राज्य के पतन के बाद प्रसिद्ध हुआ और इसमें व्यापार, वाणिज्य, शासन-प्रणाली, कानून आदि के क्षेत्र में उन्नति हुई।

बाइजेंटाइन साम्राज्य की विशेषताएँ:

- कुंस्तुनतुनिया संसार का सबसे अधिक वैभवशाली नगर बन गया।

- सामन्तवाद का विकास हुआ और समाज में 'सर्फ प्रथा' प्रचलित हुई।

- ग्रीक ऑथ्रोडॉक्स चर्च का बहुत विकास हुआ और राजा ही धर्म के अध्यक्ष बने।

- अनेक भवनों, नाटकघरों, गिरजाघरों आदि का निर्माण हुआ, जिनमें सेण्ट सोफिया का गिरजाघर बहुत प्रसिद्ध है।

बाइजेंटाइन साम्राज्य का अंत:

- 1453 ई. में तुर्कों ने कुंस्तुनतुनिया पर आक्रमण करके बाइजेंटाइन साम्राज्य का अन्त कर दिया।


प्रश्न 160: रोमन साम्राज्य में श्रमिकों एवं दासों की स्थिति पर एक विस्तृत टिप्पणी कीजिए।

उत्तर: रोमन साम्राज्य में श्रमिकों और दासों की स्थिति बहुत खराब थी। दासों को कोई अधिकार नहीं था और वे अपने मालिकों के अधीन थे। श्रमिकों की स्थिति भी अच्छी नहीं थी, उन्हें कम मजदूरी मिलती थी और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते थे।

रोमन साम्राज्य में श्रमिकों और दासों की स्थिति के बारे में और जानकारी:

- दासों को खरीदा और बेचा जा सकता था, और वे अपने मालिकों के अधीन थे।

- श्रमिकों को कम मजदूरी मिलती थी और वे अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते थे।

- रोमन साम्राज्य में श्रमिकों और दासों की स्थिति एक महत्वपूर्ण सामाजिक और आर्थिक मुद्दा था।


प्रश्न 161: 'सीनेट' का संक्षिप्त वर्णन कीजिए।

उत्तर: सीनेट रोमन साम्राज्य में एक महत्वपूर्ण संस्था थी, जो रोम के शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती थी। सीनेट के सदस्य रोम के उच्च वर्ग से चुने जाते थे और वे रोम के शासन के बारे में निर्णय लेते थे।


प्रश्न 162: रोमोत्तर राज्य से क्या तात्पर्य है?

उत्तर: रोमोत्तर राज्य वे राज्य हैं जो पश्चिमी रोम साम्राज्य के पतन के बाद जर्मन मूल के समूहों द्वारा स्थापित किए गए थे। इन समूहों ने रोमन साम्राज्य के विभिन्न प्रान्तों पर अपना अधिकार स्थापित कर लिया और अपने-अपने पृथक् राज्य स्थापित कर लिए थे।

रोमोत्तर राज्यों के उदाहरण:

- स्पेन में विसिगोथों का राज्य

- गॉल में फ्रैंकों का राज्य

- इटली में लोम्बार्डों का राज्य

रोमोत्तर राज्यों का महत्व:

- रोमोत्तर राज्यों ने पश्चिमी यूरोप के इतिहास को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

- इन राज्यों ने रोमन साम्राज्य की विरासत को आगे बढ़ाया और अपने-अपने तरीकों से शासन किया।



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